भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन अधिनियम 1996)
के प्रयोजनों हेतु उपकर का उद्ग्रहण एवं संग्रहण किसी नियोजक द्वारा किये जा रहे
निर्माण की कुल निर्माण लागत के 01 प्रतिशत की दर से किया जावेगा।
भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 की धारा-03 के अनुसार
“संग्रहित उपकर के आगम, संग्रहण करने वाले स्थानीय प्राधिकारी या राज्य सरकार
द्वारा ऐसे उपकर का संग्रहण करने में हुए व्यय की, जो संग्रहित रकम के
01 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा, कटौती करने के पश्चात उपकर बोर्ड को
संदत्त किए जाएंगे।
धारा-03 (02) के अनुसार प्रत्येक नियोजक से ऐसी रीति से और ऐसे समय पर
जो विहित किया जाए, सहपठित अधिनियम 1998 की नियम-4(1) के अनुसार
नियोजक द्वारा सन्निर्माण परियोजना पूर्ण होने के 30 दिन के भीतर
उपकर संग्राहक को उपकर जमा किया जावेगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
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शासकीय निर्माण कार्य के कुल निर्माण लागत का 01 प्रतिषत उपकर देय होगा। शासकीय निर्माण कार्य की कुल निर्माण लागत का 01 प्रतिशत उपकर कटौति किया जाना बाध्यकारी है। नियोजक का यह दायित्व है कि कुल निर्माण लागत का निर्माण एंजेसी ठेकेदारों को भुगतान करते समय 01 प्रतिशत की कटौती की जाकर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल को ऑनलाईन पेमेंट गेटवे में हस्तांतरित करना होगा।
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क्रमांक-1755/1872/2021/16 दिनांक-05.07.2023 द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि “निजी एवं व्यवसायिक निर्माण“ के अनुमति प्रदाय करते समय संबंधित अनुज्ञा अधिकारी उपरोक्तानुसार निजी आवास निर्माण कार्य की लागत रूपये 1200/- प्रति वर्गफीट एवं किसी भी व्यवसायिक निर्माण की लागत रूपये 1400/- प्रति वर्गफीट की दर अथवा वास्तविक लागत जो अधिक हो के आधार पर कुल निर्माण लागत 01 प्रतिशत उपकर देय होगा। (ऐसा व्यक्ति जो अपने निजी निवास के लिये भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य कर रहा हो उनके कुल लागत 10 लाख रूपये से अधिक होने पर ही उपकर देय होगा)
विलंब शुल्क प्रावधान
समय सीमा में उपकर का भुगतान नहीं करने पर अथवा विलंब से भुगतान करने पर
02 प्रतिशत मासिक ब्याज अधिरोपित किया जाएगा।
जिसके उत्तरदायी नियोजक एवं उपकरदाता स्वयं होंगे।